भाई-बहन का यह गीत पढ़ें और सुनें...
गीतकार भरत व्यास,संगीतकार वसंत देसाई,
फिल्म तूफान और दीया(1956),गायक- लता मंगेशकर औा गीता दत्त
https://www.youtube.com/watch?v=OLOugbJO8MI#t=12
मेरी छोटी सी बहन
देखो गहने पहन
ससुराल चली रे
बन ठन के
हाथों में गजरा
अंखियों में कजरा
को जरा नखरे तो देखो दुल्हन के
मेरा भैया
है दीवाना मेरा भैया
है दीवाना
इसकी बातों में न आना
झूठी बतियां बनाएं बन बन के
पगले हैं मन के
ये घड़ी घड़ी सनके इ
सके पुरजे हैं ढीले
बचपन से
ससुराल गई जो दीदी
हम को भी भूल जाओगी
वहां जीजा की मिठाई खा खा
कुप्पे से पहन फूल जाओगी
मोटी मोटी बहू बन फिर
बड़े रोब दिखाओगी तेरा भैया भी जो आए
उसे भी वहां बाहर बिठाओगी
दरवाजे पर ही उसको बिठाओगी
ना खिलाओगी जो खाना
ना खिलाओगी जो खान
तो मैं पेट भरूंगा
चोरी चोरी तेरी बातें
सुन सुन के
मेरी छोटी सी बहन
देखो गहने पहन
ससुराल चली रे
बन ठन के
हाथों में गजरा
अंखियों में कजरा
को जरा नखरे तो देखो दुल्हन के
भोली देख के मुझे
बोली बोलते क्यों अकड़ अकड़ के
बच पाओगे नहीं रे बच्चू
हम से यूं झगड़ झगड़ के
हम जाने तुम्हें
तुम गोल गोल ढोल
हो रबड़ के
जरा आने दे भाभी को
सीधा करेगी
वो कान पकड़ के
तेरे चूहे जैसे कान पकड़ के
पांव पकड़ोगे तुम
पांव पकड़ोगे तुम
नाक रागड़ोगे तुन
गिड़गिड़ाओगे आगे सहम के
मेरी छोटी सी बहन
देखो गहने पहन
ससुराल चली रे
बन ठन के
मेरा भैया
है दीवाना
मेरा भैया
है दीवाना
इसकी बातों में न आना
झूठी बतियां बनाएं
बन बन के
हाथों में गजरा
अंखियों में कजरा
को जरा नखरे तो
देखो दुल्हन के
पगले हैं मन के ये
घड़ी घड़ी सनके
इसके पुरजे हैं
ढीले बचपन से।

0 comments:
Post a Comment