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ग्रामीणों ने डाक अधीक्षक का पुतला फूंका

एक साल से बंद पड़े बैंगरा डाकघर से नहीं हो रहा है काम
मधवापुर(मधुबनी)। प्रखंड के बैंगरा गांव का डाकघर पिछले एक साल से बंद पड़ा है। यहां पदस्थापित डाककर्मी आलोक भारती के डाक विरोधी आचरण की वजह से यहां के लोगों को डाक विभाग से जुड़े कार्यों का संपादन पिछले एक साल से नहीं हो पा रहा है। डाककर्मी के अड़ियल रवैये के कारण बैंगरा डाकघर से बचत खाता खोलने,प्रधानमंत्री सुकन्या योजना सहित किसी भी योजना का लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। पोस्ट मास्टर आलोक भारती का काम महीने में कभी-कभार लोगों तक पत्र पहुंचाने तक सिमट कर रह गया है। बाइक से आना लोगों को डाक रिसीव कराकर लौट जाना ही आलोक भारती का मुख्य काम रह गया है। एक साल से बंद पड़े बैंगरा डाकघर की कुव्यवस्था से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को मधुबनी के डाक अधीक्षक का पुतला दहन कर अपने गुस्से का इजहार किया। ग्रामीणों की मांग है कि कम से कम दो घण्टे ही सही,लेकिन नियमित रूप से डाकघर का संचालन किया जाय। डाकघर बन्द रहने की वजह से एक साल से डाक सम्बन्धी एक भी योजना का लाभ यहां के ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है। ग्रामीण गोपाल ठाकुर,हरिपाल ठाकुर,संजय कुमार,डॉक्टर राघवेंद्र कुमार,शिवेन्द्र ठाकुर,मदन मोहन ठाकुर,विनय कुमार,मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में पुतला दहन में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि आखिर,यह कैसा डाकघर है जो एक साल से बंद पड़ा है। डाककर्मी आलोक भारती की वजह से हो रही दिक्कतों की ओर अब तक कई बार यहां के ग्रामीणों ने डाक अधीक्षक और डाक निरीक्षक का ध्यान आकृष्ट कराया,पर नतीजा सिफर रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय से और नियमित रूप से डाकघर का संचालन नहीं किया जायेगा तो इसकी शिकायत डाक महाप्रबन्धक पटना व दिल्ली से की जाएगी। इस सम्बन्ध में डाक अधीक्षक ने बताया कि मामला गम्भीर है,जांच कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। यहां बता दें कि डाक विरोधी आचरण को लेकर अब तक विभाग डाककर्मी आलोक भारती को दो बार निलंबित कर चुका है। लेकिन उसके बावजूद उसके आचरण में कोई बदलाव नहीं आया है। आलोक भारती की जगह एक कर्तव्यनिष्ठ डाककर्मी को यहां पदस्थापित करने की भी मांग कर रहे हैं।
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