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अभी भी चल रहा तटबंध मरम्मत का काम

मधुबनी: बाढ़ सिर पर आनेवाला है लेकिन सरकारी स्तर पर इसकी जिस गंभीरता अब तक तटबंधों की मरम्मत कर लेनी चाहिए थी नहीं हो सका है। अभी भी कई जगहों पर तटबंध की मरम्मत शुरु भी नहीं की गई है।जिले से होकर नेपाल से आने वाली तीन दर्जन से अधिक नदियों का बहाव होता है। जिसमें कोसी, कमला बलान, महाराजी, भूतहीबलान पर तटबंध है। वर्तमान में इन तीनों नदियों पर तटबंध मरम्मत का काम 70 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। हालांकि बाढ़ नियंत्रण विभाग तो 80 प्रतिशत से अधिक तटबंधों की मरम्मत का दावा कर रहा है। 

खतरे में महाराजी बांध 
बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा महराजी बांध जर्जर व क्षतिग्रस्त रहने के कारण यहां के लोगों में संभावित बाढ़ की आशंका सताने लगी है। 40 किलोमीटर में महराजी बांध एवं दस किलोमीटर में फैली बाढ़ सुरक्षा बांध व आठ किलोमीटर में फैला ¨रग बांध की स्थिति कई जगहों पर कमजोर दिखते हुए बांध के टूटने की की आशंका से ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। अधवारा समूह के धौस नदी के तट पर बसे रानीपुर गांव में डेढ़ किलोमीटर की दूरी में विगत दस वर्षो से दो विभागों के सीमा विवाद के कारण महराजी बांध का मरम्मत कार्य नही हो सका है। जबकि वर्ष 2017 में आयी भीषण बाढ़ के दौरान क्षेत्र में भारी तबाही मची थी साथ ही लोगों को भारी परेशानी का दंश झेलना पड़ा। बाढ़ नियंत्रण विभाग झंझारपुर वन के द्वारा प्रखंड के पाली उत्तर, करहारा, बिरदीपुर, सोहरौल, मेघवन, नजरा, रानीपुर, बसैठए अग्रोपट्टी, शिवनगर गांव में जहां महराजी बांध की मरम्मत की गई है। वहीं जल संसाधन विभाग दरभंगा एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग झंझारपुर के द्वारा 2017 के बाढ़ के दौरान टूटे हुए 20 जगहों पर मरम्मत कराया गया है। जबकि अधिकांश जगहो पर महराजी बांध जर्जर व क्षतिग्रस्त है। बाढ़ आने के बाद प्रखंड के एक दर्जन से अधिक ऐसे गांव है जो चारो ओर बाढ़ की पानी से घीर कर टापू बन जाता है। 

10 किलोमीटर में फैला सुरक्षा बांध
बाढ़ सुरक्षा बांध की हालत दयनीय है। सौईली लचका के निकट कटाव स्थल को मरम्मत किया गया। वहीं मलहामोर तक जानेवाली बाढ़ सुरक्षा बांध कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है। जबकि बड़े-बड़े गड्ढ़े व रेनकट बन गए हैं। साथ ही चूहे भी लगे हुए हैं। सोईली पुल से दक्षिण धौस नदी के तट पर बने महराजी बांध की हालत काफी खराब है। आठ किलोमीटर में चानपुरा सुरक्षा ¨रग बांध चानपुरा बाढ़ सुरक्षा ¨रग बांध आठ किलोमीटर की दूरी में फैली हुई है। जहां आधे दर्जन स्थानों पर बाढ़ सुरक्षा ¨रग बांध की हालत दयनीय है। जबकि विभाग के द्वारा 2017 के बाढ़ के दौरान टूटे तीन स्थलों पर ¨रग बांध की मात्र मरम्मत की गई है।क्या कहते अधिकारी जिला आपदा पदाधिकारी अर¨वद कुमार झा ने कहा कि कमला, भूतही बलान में अधिकांश काम पूरा हो चुका है। महाराजी बांध की भी मरम्मत जारी है। विभाग इस पर कड़ी नजर रख रही है। टूट स्थलों को सुरक्षित कर लिया गया है। विभाग बाढ़ से निपटने को पूरी तरह तैयार है।
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