फोटो: साहरघाट के रामजानकी मंदीर परिसर में आयोजित बैठक में शामिल सेविकायें।
बेनीपट्टी (मधुबनी): बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक) के तत्वाधान में विभिन्न मांगों को लेकर 5 अप्रैल से आहुत होनेवाली अनिश्चितकालीन राज्यव्यापी धरना को लेकर साहरघाट स्थित रामजानकी मंदीर परिसर में मधवापुर इकाई की बैठक संपन्न हुई. बैठक में संघ की अध्यक्षा रीता देवी ने प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को 5 अप्रैल को प्रस्तावित धरना में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि सेविका और सहायिकाओं की स्थिति मजदूरों से भी बदतर है. केंद्र संचालन करने के एवज में सेविका और सहायिकाओं को जो मानदेय दिया जा रहा है, वह न्यूनतम मजदूरी दर से काफी कम है. एक तरफ सरकार जहां महिला सशक्तिकरण की बात कहती है, वहीं दूसरी ओर सेविका और सहायिकाओं पर लाठी और गोली बरसा रही है. उन्होंने अपने हक के लिए पटना में अपनी मांग को ले धरने पर बैठी निहत्थी सेविकाओं पर राज्य सरकार द्वारा करवाये गये लाठी चार्ज की निंदा करते हुए कहा कि सेविकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, कम से कम 15 हजार का मासिक मानदेय दिये जाने, महिला पर्यवेक्षिका के पद पर परियोजना में कार्यरत सेविकाओं और सेविकाओं के पद पर सहायिकाओं को सीधी नियुक्त किये जाने, लंबित नियमितिकरण को शीघ्र लागू करने, 45 वें श्रम सममेलन की सिफारिशों को लागू करने, गारंटीशुदा पेंशन देने व ग्रेज्यूटी लाभ समेत अन्य मांगों को लेकर चरणबद्ध धरना व प्रदर्शन जारी रहेगा. वहीं उन्होंने कहा कि इतने पर भी सरकार अगर नही मानी तो हम सभी सेविका और सहायिकायें 10 अप्रैल को अपनी मांगों के समर्थन में जेल भरो आंदोलन करेंगी. बैठक की अध्यक्षता रीता देवी ने की. मौके पर सुनीता कुमारी, पुनम कुमारी, कविता कुमारी, रेखा कुमारी, कुमारी साधना, कमलेश कुमारी, सुचिता कुमारी, संगीता कुमारी, पूनम कुमारी, सरोज कुमारी, पुनम देवी, शीला कुमारी, सोनी कुमारी, सुनीता कुमारी, अनामिका कुमारी व बेबी कुमारी समेत अन्य सविकायें भी मौजूद थी.


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