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बिहार में युवाओं के लिए है रोजगार की कमी: माधव आनंद

नागरिक अभिनंदन के दौरान अपने पैतृक आवास पर प्रेस वार्ता करते माधव आनंद
हरलाखी(मधुबनी): रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता माधव आनंद ने अपने पैतृक गांव पंचरतन में अपने आवास पर प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि इस मिथिला की धरती से जन्म लेकर बड़े बड़े नेता देश की आला राजनितिक ओहदे पर भी गए लेकिन मिथिला में दरअसल कोई विकास नहीं हुआ। आज भी यहां के लोग उपेक्षित हैं। पूरे बिहार में युवाओं को कोई रोजगार नहीं है। बिहार में राज्य सरकार के विकास के सारे दावे गलत है। जब से बिहार में महागठवन्धन की सरकार बनी है तब से बिहार में अपहरण गुंडागर्दी फिरौती का धंधा फलफूल रहा है।लोग दिन में भीघर से निकलने में भय बना रहता है।मधुबनी जैसा शांत इलाके में भी  अपराधी लूट के वारदात को अंजाम देने लगे हें के युवा आज से 25 साल पहले जहां थे, आज भी वहीं हैं। बिहार में अगर वाकई विकास हुआ है जो फिर युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिली। उन्होंने आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि बिहार से प्रतिदिन औसतन 1 हजार लोग दूसरे राज्यों में नौकरी की तलाश में जाते हैं। आखिर बिहार सरकार किस आधार पर राज्य में विकास का दावा करती है। यहां के युवा नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों में भटकते हैं। बिहार में अभी भी गरीबी है। राज्यतंत्र में भ्रष्टाचार ब्याप्त है। बिना घूस व पैरवी के लोगों को किसी भी सरकारी काम मे सफलता नही मिलती। नीचे से लेकर ऊपर तक सभी अफसर भ्रष्ट है। देश के सभी राज्यों में रेलवे प्लेटफार्म पर हर दिन काफी तादाद में बिहारी मजदूर व पढ़े लिखे बेरोजगार युवा नौकरी तलाश में आते हैं। मिथिला के नेता चतुरानन मिश्र व डॉ. शकील अहमद सहित कई ऐसे नेता हैं जो केंद्र सरकार में बड़े बड़े ओहदे पर रहें और आईटी मंत्री भी बनें। इसके बावजूद भी बिहार और मिथिला में युवाओं को रोजगार नहीं मिला।
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