हरलाखी(मधुबनी): प्रखंड क्षेत्र के गंगौर गांव में एक निजी कार्य्रकम के तहत मैथिली सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां कालाकरों ने एक तरफ मैथिली गीतों के रस में श्रोताओं को घोलते रहे तो दुसरे तरफ मिथिलांचल के संस्कृतिक की झांकियां प्रस्तुत कर दर्शकों का मनमोह लिया और दर्शक मजबुर होकर तालियां बजाते रहे। जब मैथिली विभूति से सम्मानित मैथिली के सुपरसिद्ध गायक कुंजबिहारी मिश्र ने मिथिलांचल के पारंपरिक गीत विद्यापति रचना से इसकी सुरुआत की तो मैथिली का मिठास का सभी ने आनंद लिया। इसके बाद इन्होंने एक से एक पारंपरिक, विवाहगीत समेत कई मैथिली गीतों से श्रोताओं को पूरे रात झुमाते रहे तो चुटकूला से लोगों को बीच बीच में गुदगुदाते भी रहे। इस दौरान कार्यक्रम के सुरुआत में गंगौर के मुखिया शिवचंद्र मिश्र ने कुंजबिहारी मिश्र समेत सभी कालाकारों को पाग दोपट्टा से सम्मानित भी किया। इस दौरान संबोधित करते हुए मुखिया श्री मिश्रा ने कहा कि आज जो मिठास हमारे मैथिली भाषा में है। वो मिठास शायद ही दुनिया के किसी कोने में मिल पाएगा। खासकर यह कलाकार मैथिली भाषा को संगीत के मधूर रस में और अधिक पिरोने का काम करते है। इसलिए हम मिथिलावासियों से आग्रह करना चाहते है कि कहीं भी किसी जगहों पर क्यों न रहे, लेकिन अपनी मैथिली भाषा को लोगों के जेहन में याद रखें तथा अपनों के साथ अपनी ही भाषा का प्रयोग करें। मौके पर देवमनी मिश्रा, सत्येंद्र मिश्रा, संजय मिश्रा, पंकज मिश्रा, जीबछ मिश्रा, श्यामकिशोर मिश्रा समेत सैकड़ों श्रोतागण मौजूद थे।विक्रम भगत नागवंशी
संपर्क: 8678072643
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