मधुबनी: हस्तशिल्प कला में रुचि रखने वाले युवक-युवतियों के लिए खुशी की खबर है। ये लोग अब मुफ्त में अपने क्षेत्र की परंपरागत शिल्पों की दक्ष शिल्पियों से ट्रेनिंग ले सकेंगे। मधुबनी सहित सूबे के हर जिले में हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से मुफ्त ट्रेंनिंग मिलेगी।
इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मई तक रखी गई है। इसमें 10 दिनों की हॉबी क्लासेज करायी जायेगी। विभिन्न हस्तशिल्पों में ट्रेनिंग दिलाने के लिए उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पटना को नोडल बनाया गया है। मधुबनी, दरभंगा,सीतामढ़ी, समस्तीपुर सहित मिथिलांचल के युवा-युवतियां मिथिला पेंटिंग, पेपरमेशी, टेराकोटा, लाह-चूड़ी, सुजनी और सिक्की कला सहित अन्य शिल्पों की ट्रेंनिंग कर सकते हैं। इसके अलावा मंजूषा कला, टिकूली पेंटिंग,कासीदा, वेणु शिल्प, गुड़िया शिल्प, पाषाण शिल्प, काष्ठकला, जूट-ज्वेलरी आदि कलाओं की भी ट्रेनिंग इच्छुक युवा-युवतियों को मिलेगी। एक स्थान पर ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने के लिए कम से कम 30 प्रशिक्षणार्थियों का रहना जरूरी है। यह हस्तशिल्प जागरुकता कार्यक्रम जून और जुलाई में आयोजित की जायेगी। बिहार सरकार के उद्योग विभाग से संचालित उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पटना के उपनिदेशक डॉ. अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि जो लोग विविध हस्तशिल्प की ट्रेनिंग लेना चाहते हैं, वे 30 मई तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पटना में होगा। जो लोग पटना में रहकर ट्रेनिंग लेना चाहते हैं तो, वे 3 जून से 12 जून तक 10 दिनों की ट्रेनिंग उपेन्द्र महारथी शिल्प संस्थान में ले सकते हैं।

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