मधुबनी : जिला समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक मंगलवार को
डीआरडीए के सभागार में हुई. बैठक की अध्यक्षता मधुबनी के सांसद हुक्मदेव
नारायण यादव ने किया. बैठक में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के
निर्माण की चर्चा हुई. इसमें उक्त सड़कों के रख-रखाव व मरम्मत नहीं किये
जाने की बात कही गई. समिति ने निर्णय लिया कि ग्रामीण विकास विभाग भारत
सरकार को पत्र लिखकर किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का अनुरोध किया
जाए. समिति ने बैठक में इस बात पर खेद प्रकट किया कि कार्यपालक अभियंता
आरडब्लूडी मधुबनी द्वारा वगैर स्थलीय निरीक्षण किये कथित तौर पर गलत
प्रतिवेदन समर्पित किया है. प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क योजना में मिसिंग लिंग, मिसिंग पूल एवं
सुरक्षात्मक दीवार की सूची सभी कार्यपालक 25 मई तक संबंधित विधायक को देने
को कहा. जिसे विधायक इसमें आवश्यक संशोधन कर 30 मई तक जिला पदाधिकारी को
देंगे ताकि भारत सरकार को ससमय भेजा जा सके. बैठक में राम चौक झंझारपुर से
अंधराठाढ़ी तक बनने वाली पीसीसी सड़क का निर्माण का मुद्दा जिसमें लगभग
डेढ़ किलोमीटर तक अलकतरा का व्यवहार सड़क पर किया गया है. पीसीसी सड़क पर
अलकतरा का व्यवहार किये जाने के मामले की जांच पीडब्लूडी के कार्यपालक
अभियंता एवं एक वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी से करने का निर्णय लिया गया. बैठक में लौकही के मनरेगा कार्यालय के बंद रहने की शिकायत मिलने पर
जिला पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि लौकही के मनरेगा पदाधिकारी को
वहां से हटा दिया गया है और उनके बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की जा रही
है. इंदिरा आवास योजना में जिले के बहुत सारे लाभुकों द्वारा एसबेस्टस की
छत बना लेने के कारण द्वितीय किस्त की राशि नहीं मिलने पर चर्चा हुई.
समिति ने निर्णय लिया कि भारत सरकार को इस संबंध में विशेष परिस्थिति में भुगतान करने से संबंधित पत्र निर्गत किया जाएगा. वहीं बैठक में खुटौना प्रमुख आर पी मंडल ने मनरेगा योजना पंचायत
समिति सदस्य से नहीं कराये जाने की बात रखी. उन्होंने इस संबंध में जिला
पदाधिकारी को आवेदन भी दिया. बैठक में विधायक समीर कुमार महासेठ, फैयाज
अहमद, सीताराम यादव, लक्ष्मेश्वर राय, गुलाब यादव, सुधांशु रंजन, जिला
परिषद अध्यक्ष शीला मंडल, उषा देवी, रामकुमार यादव, भारतेंदु यादव सहित सभी
प्रमुख एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
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