मधुबनी: जिला पदाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण व भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने को लेकर सभी मतदान केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दिया है। डीएम ने जिला विधि प्रशाखा के माध्यम से जारी आदेश में जिले भर में निकाय चुनाव में मतदाताओं से निर्भिक होकर मतदान करने को कहा है।
आदेश में कहा गया है कि नेपाल सीमा से जुड़ाव रहने के कारण जिला संवेदनशील है। ऐसा देखा जाता है कि चुनाव की प्रक्रिया के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भय व आतंक का वातावरण बना मतदान को शांतिपूर्ण संपन्न कराने में बाधा उत्पन्न कर देते हैं। वहीं प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को भयभीत करने का काम होता है। जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है। कहा गया है कि नगर परिषद मधुबनी, नगर पंचायत जयनगर, घोघरडीहा व झंझारपुर के कुल 115 मतदान केंद्रों पर स्वच्छ, शांतिपूर्ण व निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने को लेकर तत्काल कार्रवाई आवश्यक हो गया है।
इसके तहत:-
--धारा 144 का प्रयोग करते हुए सभी मतदान केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
-- किसी भी मतदान केद्र के 200 मीटर की परिधि में 5 या 5 से अधिक व्यक्ति जमा होकर सभा, प्रचार-प्रसार, धरना, प्रदर्शन नहीं करेंगे। इस परिधि में कोई भी इलेक्शन बूथ नहीं लगाएंगे।
--अपना मतदान कर चुके मतदाता किसी भी परिस्थिति में दुबारा उक्त मतदान केंद्र में प्रवेश नहीं करेंगे।
--मतदान केंद्र निर्माण के लिए टेंट एवं सामियाना का उपयोग नहीं किया जाएगा।
---मतदान केंद्र पर किसी भी व्यक्ति द्वारा सेलुलर मोबाइल फोन, कॉडलेस फोन, वासरलेस फोन सेट आदि ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
--राज्य निर्वाचन आयोग के निदेश के आलोक मं मतदान केंद्र भवन के अंदर सभी प्रकार की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी के प्रयोग पर पूर्णरूपेण प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए पीठासीन पदाधिकारी कार्रवाई के लिए सक्षम होंगे।
--भारत निर्वाचन आयोग के आदेश के आलोक में मतदान तिथि को मतदान शुरू होने व संध्या 5 बजे तक समापन होने तक कोई भी मंत्री, विधायक, पार्षद, सांसद उन क्षेत्रों में जहां मतदान कराया जाना है पर दौरे पर जाना वर्जित है।यदि वैसे सांसद, विधायक या अन्य राजनेता जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है और वे अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहते हैं तो सिर्फ मतदान करने की अनुमति दी जाएगी। इस दौरान वे सरकारी वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे।
--किसी भी सुरक्षाप्राप्त व्यक्ति को चुनाव अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता, मतगणना अभिकर्ता नियुक्त नहीं किया जाएगा।
--हां शासकीय कार्य में लगे पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों द्वारा धारित आग्नेयाश्त्र, मोबाइल फोन, वायरलेस सेट आदि के उपयोग पर प्रतिबंध नहीं होगा।
--पीठासीन पदाधिकारी मतदान केंद्र पर मोबाइल फोन ले जा सकेंगे, लेकिन वे उसे वाइव्रेट मोड में रखेंगे।
--उपरोक्त सभी निर्देश मतदान की तिथि से मतगणना तक जारी रहेंगे, लेकिन किसी प्राकृतिक आपदा, सांप्रदायिक दंगा-हंगामा के दौरान मंत्री, विधायक, पार्षद, सांसद, प्रशासन की मदद करने हेतु क्षेत्र में अमन चैन बनाए रखने के लिए क्षेत्र में जाना पड़े तो उक्त परिस्थिति में ये पाबंदियां लागू नहीं होंगी।
श्री सिंह ने इस आदेश पत्र के माध्यम से सभी संबंधित पदाधिकारियों को अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।


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