बेनीपट्टी(मधुबनी): बिहार के सत्रह जिले में 17 जूलाई से लॉंच होनेवाला न्यूमोकोकल कंजूगेट भैक्सीन नामक टीका अब शिशुओं को पांच गंभीर बिमारियों से रक्षा करने में सहायक साबित होगा. अब इसे स्वास्थ्य विभाग के द्वारा राष्ट्रीय टीकाकरण में भी शामिल किये जाने की योजना है. इस टीके से न्यूमोनिया, डायरिया, मेननजाईटिश (दिमागी बुखार), ओटायटिस (कान की बिमारी) और बैक्ट्रीमिया सैप्सिस नामक बिमारियों से अब नया जन्म लेनेवाला शिशु पूरी तरह सुरक्षित होगा. ये उक्त बातें बेनीपट्टी पीएचसी के सभागार में पीएचसी प्रभारी डा. आरके सिंह की अध्यक्षता में आयोजित आशा कार्यकर्ताओं का एकदिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुये चिकित्सक डा. एसएन झा ने कही. उन्होंने कहा कि उक्त भैक्सीन को तीन खूराक में दी जानी है. जिसमें प्रथम खूराक डेढ़ माह के शिशू को दिया जा सकेगा. उसी शिशू को साढ़े तीन माह का समय पूरा होने पर दूसरा खूराक व नौ माह की आयू पूरी होने पर उसे बूस्टर डोज दिया जा सकेगा. वहीं चिकित्सक पीएन झा ने कहा कि क्रमवार सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को भी इस भैक्सीन की महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी जायेगी. इससे पूर्व पीएसी में कार्यरत सभी 48 एएनएम को पिछले 23 मई को ही टीके से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा चुका है.स्वास्थ्य प्रबंधक राजेश राजेश रंजन ने बताया कि उक्त भैक्सीन को लेकर प्रखंड के सभी आशा कार्यकर्ताओं को 40 के समूह का बैच बनाकर विशेष रुप से प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र के शतिप्रतिशत बच्चों को टीके से आच्छादित कराया जा सके. अब तक कुल 100 से अधिक आशा कार्यकताओं ने भाग लिया है और शेष बचे सभी आशा कार्यकर्ता को भी प्रशिक्षण दिये जायेंगे. बताते चलें कि खासकर न्यूमोनिया से ग्रसित होनेवाले प्रतिवर्ष दो लाख शिशु को राहत मिल सकेगी. जबकि इस बिमारी का शिकार होने से विश्व में हर साल 10 लाख से अधिक लोगों की मौत असमय ही हो जाया करती है. मौके पर बीसीएम सत्येंद्र प्रसाद, हेल्थ मैनेजर राजेश रंजन, डा. केके ठाकुर, डा. पीएन झा, डब्लूएचओ के प्रतिनिधि आदित्य कुमार, लिपिक घनश्याम प्रसाद यादव, आशा कार्यकर्ता काशी ठाकुर, भावना झा, नीलम कुमारी व माधुरी देवी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद थे.
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