बिस्फी
के नाहस रूपौली गांव में भोज खाने के बाद चार दर्जन से अधिक लोगों की
तबीयत बिगड़ गई। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद उनकी
स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। सभी गांव में ही श्राद्ध का भोज खाने गए
थे।
वहां दही-चूड़ा खिलाया गया। डॉक्टर ने दही के विषैला होने की आशंका जताई है।
ग्रामीणों के अनुसार नाहसरूपौली गांव में ही श्राद्घ के भोज में ग्रामीणों
को आमंत्रित किया गया था। भोज खाने के बाद जैसे ही लोग घर पहुंचे उनकी
तबीयत खराब होने लगी। खाने के बाद पैर, घुटना,हाथ,कमर में तेज र्दद के
साथ-साथ पेट में गैस बनना शुुरू हुआ। कुछ लोगों का स्थानीय स्तर पर इलाज
किया गया। कुछ मरीजों को बेनीपट्टी ले जाया गया। जबकि दानवीर मुखिया,
भोगेन्द्र मंडल, सोगारथ मंडल, पानो देवी, लालबाबू मुखिया,भरत मुखिया समेत
नौ लोगों को पीएचसी बिस्फी में भर्ती कराया गया। पीएचसी में भर्ती मरीजों
ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर हाथ-पांव जकड़ गए। बिछावन से उठना मुश्किल हो
गया था। सूचना मिलने पर एम्बुलेंस से मरीजों को बिस्फी पीएचसी लाया गया।
स्वास्थ्य प्रबंधक मो. रहमान ने बताया कि सभी मरीज खतरे से बाहर हैं।
उन्होंने विषाक्त दही खाने के कारण लोगों की तबीयत खराब होने की आशंका जताई
है।
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