ब्रह्मस्थान
से प्रखंड परिसर मधवापुर तक में बाढ़ पीड़ितों ने शुक्रवार को देर शाम तक
हंगामा किया। पदाधिकारियों को खदेड़ कर भगाने के बाद आक्रोशित लोगों ने
प्रखंड परिसर स्थित सरकारी आवासों पर पथराव किया। भागते हुए सीओ को साहरघाट
पुलिस ने सुरक्षा देते हुए एक बाइक पर बैठा कर बाहर निकाला। भगदड़ की चपेट
में जख्मी हुए सीओ का इलाज पीएचसी बेनीपट्टी में कराया गया। डॉ. पीएन झा ने
बताया कि उनकी गर्दन व हाथ में चोटें आई हैं। लोगों का हंगामा रुकने का
नाम नहीं ले रहा था। मौके पर मौजूद दो थाने की पुलिस बल से स्थिति नहीं
संभल पा रही थी। स्थानीय पदाधिकारियों की बात सुनने की बात तो दूर, गुस्साए
लोग उन्हें सामने देखना भी नहीं चाह रहे थे। सभी लोग एक ही सवाल कर रहे थे
कि जब सभी पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा सरकार ने कर दी, तो
स्थानीय पदाधिकारी डीलरों को बुला कर किस आधार पर नामों की छटनी की। हालात
को बेकाबू होने की सूचना वरीय पदाधिकारियों को दी गई। सूचना पाकर एसडीएम
मुकेश रंजन, डीएसपी पुष्कर कुमार और पुलिस सर्किल इंसपेक्टर प्रवीण कुमार
मिश्र की टीम प्रखंड परिसर पहंुची। लोगों को सभी पीड़ित परिवारों को राहत
दिलाने का भरोसा दिलाया तब जाकर लोग शांत हुए। वहीं राहत के लाभ से वंचित
अन्य पंचायतों के बाढ़ पीड़ितों पर भी मधवापुर के हंगामे का असर होने की
संभावना जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि अधिकारियों ने सभी पंचायत के
डीलरों से सूची के नामों को छंटवाया है।
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