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अद्वितीय व अनूठी विरासत को सहेजने की आवश्यकता: मंत्री

नवकरही में हुआ मिथिला विभूति पर्व का हुआ आयोजन

फोटोः- बेनीपट्टी के नवकरही में सम्मान समारोह में शामिल मंत्री विनोद नारायण झा, दैनिक हिंदुस्तान के राजनैतिक संपादक विनोद बंधु, हरलाखी विधायक सुधांशु शेखर, एसडीएम मुकेश रंजन, एसडीपीओ पुष्कर कुमार व कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रो. शीतलांबर झा, बीडीओ डा. अभय कुमार, सीओ पुरेंद्र कुमार सिंह, सर्किल इंस्पेक्टर पीके मिश्रा, पुलिस निरीक्षक सह बेनीपट्टी एसएचओ हरेराम साह व अरेर एसएचओ केके झा सहित अन्य अतिथि 

बेनीपट्टी: प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय नवकरही परिसर में मिथिला विकास समिति के तत्वाधान में मिथिला विभूति पर्व समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन प्रदेश के पीएचईडी मंत्री विनोद नारायण झा, दैनिक हिंदुस्तान समाचार पत्र के राजनैतिक संपादक विनोद बंधु, हरलखी विधायक सुधांशु शेखर, एसडीएम मुकेश रंजन, एसडीपीओ पुष्कर कुमार व कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रो. शीतलांबर झा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित व कवि कोकिल विद्यापति के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मंत्री श्री ने कहा कि मिथिला विभूतियों की धरती रही है. यहां एक से बढ़कर एक विभूतियां अस्तित्व में आयी है. खासकर जगत जननी माता सीता ने दुनिया जो आर्दश स्थापित की है, वो अद्वितीय है. महामूर्ख कलूआ को महाकवि कालीदास बनानेवाली यहां की धरती पूरे विश्व में एक अनोखी व अनूखी परंपरा स्थापित की है. यहां की संस्कृति कभी खंडित नही हो सकती. बस अपनी संस्कृति रुपी विरासत को सहेजने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जिस धरती पर भगवान भोलनाथ चाकरी करने का काम किये हैं, वो अपने आप में अनूठी साबित करने के लिये काफी है. मंत्री श्री झा ने कवि कोकिल विद्यापति, अयाची, मंडन मिश्र, शंकराचार्य को परास्त करनेवाली भारती, याग्वल्य को पराजीत करनेवाली गार्गी, मैत्री, सल्हेस, पल्टू, लोरिक व दीनाभदी्र जैसे महाविभूतियों के पैदा व अवतरित होने की चर्चा करते हुये मिथिलांचल की संस्कृति को दुनियां की सर्वोत्कृष्ठ संस्कृति करार दिया और कार्यक्रम आयोजन के लिये आयोजक मंडल की भूरि भूरि प्रशंसा की.
वहीं दैनिक हिंदुस्तान समाचार पत्र के राजनीतिक संपादक विनोद बंधु ने भी संस्कृति के रक्षार्थ इस तरह के अयोजन के लिये आयोजनकर्ता को साधुवाद देते हुये कहा कि संस्कृति के संवर्द्धन के साथ-साथ मिथिलाक्षर लिपि को भी बढ़ावा देने की जरुरत है. एसडीएम मुकेश रंजन ने विद्यापति रचित कविता “बड़ सुख सार पाओल तुअ तीरे, छाड़इत निकट नयन बह नीरे“ के भावार्थ पर व्यापक प्रकाश डालते हुये कहा कि मिथिला की घरती पर पांव रखते ही इस तरह के भाव बोध सहज ही होने लगते हैं. गंगा के प्रति कवि विद्यापति का स्नेह प्रेम आज भी तरोताजा करता प्रतीत होता है. मिथिला में अनेक विभूति पैदा हुए हैं. अपनी खास प्रतिभा के दम पर कवि कोकिल विद्यापति, लोरिक, सल्हेस सहित कई विद्वानों ने अपनी छटा बिखेरी है. समारोह को कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रो. शीतलांबर झा, जिला मुखिया महासंघ के अध्यक्ष कृपानंद झा आजाद व हेमचंद्र झा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी संबोधित कर मिथिला और मैथिली के लिये अनवरत आंदोलन जारी रखने पर बल दिया और सभी मिथिलावासी को मैथिली भाषा का अधिकाधिक प्रयोग करने की अपील कर मिथिला क्षेत्र के लिए सदैव बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया. दूसरी ओर कार्यक्रम में जिले से आये प्रसिद्ध मैथिल गायक कुंज बिहारी, विकास झा, मधुलता, रंजना सिंह, अल्का श्री, माधव राय व कंचन पांडेय सहित मैथिल कलाकारों ने श्रोताओं को पूरी रात अपने गायकी फन से जगाये रखा. कार्यक्रम में आयोजन समिति के द्वारा सामाजिक, सामाजिक, प्रशासनिक, राजनीतिक व पत्रकारिता के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले करीब दो दर्जन लोगों को मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग-दोपटा व माला देकर सम्मानित किया गया. 
मौके पर उपस्थित हरलाखी विद्यायक सुधांशु शेखर ने कहा कि वे काफी सौभाग्यषाली हैं कि उनका जन्म जगतजननी मां सीता के धरती पर हुआ. जहां मैथिली भाशा प्रचलित है.वे मिथिलावासी कहलाने मे गौरव महसूस करते हैं. कार्यक्रम को समिति के अध्यक्ष महेंद्र झा, जदयू नता नीरज झा, एसडीपीओ पुष्कर कुमार सहित कई लोगों ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन आयुष पुष्पम झा ने किया. मौके पर बीडीओ डा. अभय कुमार, सीओ पूरेंद्र कुमार सिंह, सर्किल इंस्पेक्टर पीके मिश्रा, पुलिस निरीक्षक सह बेनीपट्टी एसएचओ हरेराम साह, अरेर एसएचओ कुणाल किशोर झा, मुखिया विकास मिश्र, पंसस संतोष कुमार चौधरी, रामसेवक ठाकुर सहित अन्य लोग भी मौजूद थे.
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