जयनगर: प्रखंड क्षेत्र में बिना अनुज्ञप्ति और मानक के विपरीत ईंट भट्ठा का
संचालन किए जाने से आमजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मानक के विपरीत ईंट
भट्ठा का संचालन किए जाने से जहां पर्यावरण असंतुलन का खतरा बढ़ता जा रहा
है। वहीं राज्य सरकार को भी बिना अनुज्ञप्ति के ईंट भट्ठा का संचालन किए
जाने से राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालत इतनी बदतर कि अंचल
प्रशासन को यह तक खबर नहीं कि जयनगर अंचल क्षेत्र में कितने ईट भट्ठे
अनुज्ञप्तिधारी है।
*पर्यावरण पर रहा प्रतिकूल असर:
जनकारी के मुताबिक अंचल क्षेत्र में कई ईंट भट्ठा बिना अनुज्ञप्ति के तीन
वर्ष से अधिक समय से संचालित हो रहा है। जबकि कई भट्ठा संचालक अनुज्ञप्ति
लेकर भी कई मानकों में बिना एनओसी लिये से संचालित कर रहे हैं।जिससे कि
अंचल क्षेत्र में पर्यावरण पर प्रतिकूल असर होना लाजिमी है। ईंट भट्ठा
संचालन से पूर्व जिला खनन विभाग से अनुज्ञप्ति लेने के साथ साथ पर्यावरण
संतुलन हेतु आधे दर्जन सरकारी विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य शर्तें है,
लेकिन अधिकांश भट्ठा संचालक बिना एनओसी लिये ही इसे विभागीय पदाधिकारी के
मिलीभगत से संचालित कर रहे है।
*नहीं बनाया गया जीगजैग चीमनी:
राज्य सरकार ने इस वर्ष सभी ईंट भट्ठा संचालकों को पर्यावरण संतुलन
हेतु जीगजैग चीमनी बनाकर संचालित करने का निर्देश दिया था, लेकिन किसी भी
भट्ठा संचालकों द्वारा ऐसा नहीं किया गया। सभी पुराने चीमनी पर ही ईंट भटठा
को संचालित कर लिया है।
*किसान हो रहे चिंतित:
जयनगर अंचल क्षेत्र में दर्जनों जगहों पर मानक के विपरीत कृषि योग्य भूमि
में ईंट भटठा संचालित होने से किसान परेशान हैं। चिमनी से निकले धुंआं रबी
फसल व आम के फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई किसानों ने बातचीत के
क्रम में बताया कि चिमनी के कारण विगत कई वर्षों से दलहन फसल अरहर, मसूर,
खेसारी सम त अन्य रबी एवं आम की फसल प्रभावित हो रहा है। आम की फसल को भी
चीमनी के कारण भारी नुकसान हो रहा है। सरकारी नुमाईंदे द्वारा इस दिशा में
सार्थक पहल नहीं किये जाने किसानों के बीच हताशा की स्थिति है।
*क्या कहते अधिकारी:
प्रभारी अंचलाधिकारी प्रवीण कुमार पाण्डेय ने इस बाबत पूछे जाने पर कहा
कि अंचल क्षेत्र में कितने ईंट भट्ठा बिना अनुज्ञप्ति व मानक के विपरीत
संचालित हो रहा है इसका पता लगाकर समुचित कार्रवाई की जाएगी।वहीं अनुमंडल
पदाधिकारी शंकर शरण ओमी ने खनन विभाग से संबंधित मामला होने की बात कहकर
अपना पल्ला झाड़ लिया।


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